Share Market Complete Guide in Hindi
क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे अमीर लोग (जैसे वारेन बफेट या राकेश झुनझुनवाला) इतने अमीर कैसे बने? जवाब है— शेयर बाजार (Stock Market)।
आम भारतीय के मन में शेयर बाजार को लेकर दो तरह की धारणाएं होती हैं: या तो यह “पैसा बनाने की मशीन” है या फिर “जुए का अड्डा”। सच इन दोनों के बीच में है। शेयर बाजार न तो लॉटरी है और न ही जुआ, बल्कि यह एक व्यवस्थित व्यवसाय (Business) है। अगर इसे सही जानकारी और अनुशासन के साथ किया जाए, तो यह महंगाई को मात देने और दौलत बनाने (Wealth Creation) का सबसे बेहतरीन जरिया है।
इस विस्तृत गाइड में हम जानेंगे कि Share Market Kya Hai, यह कैसे काम करता है, सेंसेक्स-निफ्टी क्या हैं, और एक बिगिनर (Beginner) के तौर पर आप अपना पहला निवेश कैसे कर सकते हैं।
1. शेयर बाजार क्या है? (What is Share Market in Hindi)
सरल शब्दों में, शेयर बाजार एक ऐसा बाजार है जहाँ कंपनियों के ‘शेयर’ (Shares) खरीदे और बेचे जाते हैं।
‘शेयर’ का मतलब:
शेयर का हिंदी अर्थ होता है— ‘हिस्सा’।
जब आप किसी कंपनी का एक शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी में उस हिस्से के बराबर के मालिक (Owner) बन जाते हैं।
- उदाहरण के लिए: अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance) के पास कुल 100 शेयर हैं और आपने 1 शेयर खरीद लिया, तो आप रिलायंस कंपनी में 1% के हिस्सेदार बन गए। (वास्तविकता में कंपनियों के करोड़ों शेयर होते हैं)।
जैसे सब्जी मंडी में सब्जियां खरीदी-बेची जाती हैं, वैसे ही शेयर बाजार (Stock Exchange) में कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदी और बेची जाती है।
2. शेयर बाजार की जरूरत क्यों है? (Why Share Market Exists?)
इसे एक उदाहरण से समझते हैं:
मान लीजिए एक व्यक्ति ‘रमेश’ है जिसकी एक सफल बिस्कुट की फैक्ट्री है। अब रमेश अपनी फैक्ट्री को पूरे भारत में फैलाना चाहता है। इसके लिए उसे 100 करोड़ रुपये की जरूरत है।
रमेश के पास दो रास्ते हैं:
- बैंक से लोन ले: जिस पर उसे भारी ब्याज देना पड़ेगा।
- पब्लिक से पैसा ले: वह अपनी कंपनी के कुछ हिस्से (Shares) आम जनता को बेच सकता है।
जब रमेश अपनी कंपनी के शेयर पब्लिक को बेचता है, तो उसे पैसा मिल जाता है (जिसे वह बिजनेस बढ़ाने में लगाता है) और पब्लिक को कंपनी में हिस्सेदारी मिल जाती है। अगर कंपनी मुनाफा कमाती है, तो शेयर की कीमत बढ़ती है और पब्लिक (निवेशकों) को फायदा होता है।
3. शेयर बाजार कैसे काम करता है? (How Stock Market Works)
भारत में शेयर बाजार मुख्य रूप से दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchanges) के जरिए काम करता है:
- BSE (Bombay Stock Exchange): यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है (स्थापना 1875)। इसमें 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं।
- NSE (National Stock Exchange): यह भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक स्टॉक एक्सचेंज है। इसमें सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम होता है।
बाजार के प्रमुख खिलाड़ी:
- SEBI (सेबी): इसका पूरा नाम Securities and Exchange Board of India है। यह शेयर बाजार का ‘रेफरी’ या ‘पुलिस’ है। इसका काम निवेशकों के हितों की रक्षा करना और धोखाधड़ी रोकना है।
- Brokers (ब्रोकर): आप सीधे एक्सचेंज (BSE/NSE) जाकर शेयर नहीं खरीद सकते। आपको एक रजिस्टर्ड ब्रोकर (जैसे Zerodha, Angel One, Groww, Upstox) के जरिए निवेश करना होता है।
- Depositories (CDSL/NSDL): ये आपके शेयर्स को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखते हैं (जैसे बैंक पैसे रखता है)।
4. सेंसेक्स और निफ्टी क्या हैं? (What is Sensex and Nifty)
जब आप टीवी पर न्यूज़ देखते हैं कि “बाजार ऊपर गया” या “बाजार गिर गया”, तो इसका मतलब सेंसेक्स और निफ्टी से होता है। ये Indices (सूचकांक) हैं जो बाजार की दिशा बताते हैं।
- Sensex (Sensitive Index): यह BSE की टॉप 30 सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों का समूह है। अगर ये 30 कंपनियां अच्छा कर रही हैं, तो सेंसेक्स ऊपर जाता है।
- Nifty (National Fifty): यह NSE की टॉप 50 सबसे बड़ी कंपनियों का समूह है। यह भारतीय बाजार का सबसे प्रमुख बैरोमीटर है।
5. IPO क्या होता है? (What is IPO)
जब कोई कंपनी पहली बार शेयर बाजार में अपने शेयर आम जनता को बेचने के लिए आती है, तो उसे IPO (Initial Public Offering) कहते हैं।
IPO के बाद कंपनी स्टॉक एक्सचेंज पर ‘लिस्ट’ हो जाती है, और फिर उसके शेयर रोज खरीदे और बेचे जा सकते हैं (इसे सेकेंडरी मार्केट कहते हैं)।
6. शेयर बाजार से पैसे कैसे कमाए जाते हैं? (How to Earn Money)
शेयर बाजार में मुनाफा कमाने के मुख्य रूप से दो तरीके हैं:
A. कैपिटल एप्रिसिएशन (Capital Appreciation)
यह सबसे आम तरीका है। आप कम दाम पर शेयर खरीदते हैं और दाम बढ़ने पर बेच देते हैं।
- उदाहरण: आपने ‘टाटा मोटर्स’ का शेयर ₹400 में खरीदा। 2 साल बाद उसकी कीमत ₹800 हो गई। आपने उसे बेचा और ₹400 का मुनाफा कमाया।
B. डिविडेंड (Dividend)
जब कंपनी साल भर में बहुत अच्छा मुनाफा कमाती है, तो वह अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों (Shareholders) को इनाम के तौर पर देती है। इसे डिविडेंड (लाभांश) कहते हैं। यह सीधे आपके बैंक खाते में आता है, चाहे शेयर का भाव कुछ भी हो।
7. ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में अंतर (Trading vs Investing)
शुरुआती लोगों को यह अंतर समझना बहुत जरूरी है:
| फ़ीचर | इन्वेस्टिंग (Investing) | ट्रेडिंग (Trading) |
| समय सीमा | लंबी अवधि (सालों के लिए) | बहुत कम अवधि (मिनटों, घंटों या दिनों के लिए) |
| लक्ष्य | वेल्थ क्रिएशन (अमीरी) | तुरंत मुनाफा कमाना |
| जोखिम | कम (Low to Moderate) | बहुत ज्यादा (High Risk) |
| एनालिसिस | फंडामेंटल एनालिसिस (कंपनी का बिजनेस देखना) | टेक्निकल एनालिसिस (चार्ट और ग्राफ देखना) |
| उदाहरण | शेयर खरीदकर 5 साल भूल जाना | सुबह खरीदना और शाम को बेच देना (Intraday) |
सलाह: एक बिगिनर के तौर पर आपको हमेशा ‘इन्वेस्टिंग’ से शुरुआत करनी चाहिए, ट्रेडिंग से नहीं।
8. शेयर बाजार में निवेश कैसे शुरू करें? (Step-by-Step Process)
शेयर बाजार में निवेश करने के लिए आपको सिर्फ 3 चीजों की जरूरत है:
- पैन कार्ड (PAN Card)
- बैंक अकाउंट
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक)
प्रक्रिया:
- ब्रोकर चुनें: किसी अच्छे डिस्काउंट ब्रोकर (Zerodha, Groww, Angel One आदि) का ऐप डाउनलोड करें।
- Demat और Trading अकाउंट खोलें: यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस है। इसमें 10-15 मिनट लगते हैं।
- Demat Account: यहाँ आपके शेयर जमा होते हैं।
- Trading Account: यहाँ से आप शेयर खरीदने/बेचने का ऑर्डर देते हैं।
- फंड ऐड करें: अपने बैंक अकाउंट से ट्रेडिंग अकाउंट में पैसे डालें।
- शेयर चुनें और खरीदें: जिस कंपनी को आप जानते हैं और जिसका बिजनेस आपको पसंद है (जैसे Tata, Reliance, ITC), उसका नाम सर्च करें और ‘Buy’ बटन दबाएं।
9. Bull Market और Bear Market क्या है?
बाजार में जानवरों के नाम अक्सर सुनने को मिलते हैं:
- Bull Market (तेज़ड़िये): जब बाजार लगातार ऊपर जा रहा होता है और निवेशकों में उत्साह होता है। (बैल अपने सींगों से दुश्मन को ऊपर फेंकता है, इसलिए इसे Bull Market कहते हैं)।
- Bear Market (मंदड़िये): जब बाजार लगातार गिर रहा होता है और निवेशकों में डर होता है। (भालू अपने पंजों से शिकार को नीचे दबाता है, इसलिए इसे Bear Market कहते हैं)।
10. निवेश के 5 सुनहरे नियम (Golden Rules for Beginners)
अगर आप शेयर बाजार में नए हैं, तो इन नियमों को रट लें, वरना भारी नुकसान हो सकता है:
- लोन लेकर निवेश न करें: हमेशा अपनी बचत (Savings) का ही निवेश करें। उधार के पैसे से कभी निवेश न करें।
- टिप्स पर भरोसा न करें: “मेरे दोस्त ने कहा”, “Telegram ग्रुप पर टिप मिली”—इन चक्करों में न पड़ें। अपनी खुद की रिसर्च करें।
- लंबी अवधि का सोचें: शेयर बाजार रातों-रात अमीर बनने की जगह नहीं है। यहाँ पैसा “कंपाउंडिंग” से बनता है, जिसके लिए धैर्य (Patience) चाहिए।
- Diversification (विविधीकरण): सारा पैसा एक ही कंपनी में न लगाएं। अलग-अलग सेक्टर (जैसे IT, Pharma, Banking, Auto) की कंपनियों में पैसा बांटकर लगाएं।
- पैनिक से बचें: जब बाजार गिरता है, तो डरकर अपने शेयर न बेचें। याद रखें, “गिरावट खरीदारी का मौका होती है।”
11. शेयर बाजार के जोखिम (Risks Involved)
शेयर बाजार में गारंटीड कुछ भी नहीं है।
- आप अपनी पूंजी (Capital) खो सकते हैं।
- कंपनी दिवालिया हो सकती है।
- बाजार के बाहरी कारण (जैसे युद्ध, महामारी, चुनाव) शेयर की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
इसलिए, शुरुआत में Blue Chip Companies (बड़ी और पुरानी कंपनियां) या Large Cap में ही निवेश करें क्योंकि इनमें रिस्क कम होता है।
12. निष्कर्ष (Conclusion)
शेयर बाजार (Share Market) भारत की अर्थव्यवस्था का आईना है। अगर आप भारत की ग्रोथ स्टोरी (Growth Story) पर भरोसा करते हैं, तो आपको शेयर बाजार में जरूर निवेश करना चाहिए।
शुरुआत छोटी रकम से करें, भले ही वह ₹500 हो। पहले सीखें, फिर कमाएं। याद रखें, वारेन बफेट ने भी 11 साल की उम्र में पहला शेयर खरीदा था और उन्होंने कहा था— “Risk comes from not knowing what you are doing” (जोखिम तब होता है जब आपको पता नहीं होता कि आप क्या कर रहे हैं)।
इसलिए पढ़ते रहें, सीखते रहें और समझदारी से निवेश करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. शेयर बाजार में कम से कम कितने पैसे से शुरुआत कर सकते हैं?
आप शेयर बाजार में मात्र 100 रुपये या 500 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं। शेयर की कीमत कंपनी पर निर्भर करती है।
Q2. क्या शेयर बाजार जुआ है?
बिल्कुल नहीं। जुआ किस्मत पर आधारित होता है, जबकि शेयर बाजार रिसर्च, डेटा और कंपनी के प्रदर्शन पर आधारित होता है। जो लोग बिना सोचे-समझे पैसा लगाते हैं, उनके लिए यह जुआ हो सकता है।
Q3. डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कितना चार्ज लगता है?
आजकल ज्यादातर डिस्काउंट ब्रोकर्स फ्री में या नाममात्र (₹200-₹300) शुल्क पर डीमैट अकाउंट खोलते हैं।
Q4. शेयर कब खरीदने चाहिए?
आदर्श रूप से, जब शेयर का भाव उसकी वास्तविक वैल्यू (Intrinsic Value) से कम हो या जब बाजार में गिरावट (Correction) आई हो, तब खरीदना अच्छा होता है।
Q5. अगर ब्रोकर (ऐप) भाग गया तो मेरे शेयर्स का क्या होगा?
घबराएं नहीं। आपके शेयर्स ब्रोकर के पास नहीं, बल्कि CDSL या NSDL (डिपॉजिटरी) के पास सुरक्षित होते हैं। आप दूसरे ब्रोकर के जरिए उन्हें एक्सेस कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।)


